इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा है कि प्रगति व सम्मान की चोटियां केवल देश व राष्ट्र के प्रेमी मेधावियों के अस्तित्व से ही सर की जा सकती हैं।
आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने आज देश के कुछ मेधावियों से भेंट में कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान को प्रगति, गौरव व सम्मान की चोटियों तक पहुंचने के लिए ऐसे विद्वानों एवं मेधावियों की आवश्यकता है जो अपने देश व जनता से प्रेम करते हों तथा ईरानी राष्ट्र की पहचान एवं भविष्य के प्रेमी हों। उन्होंने गत तैंतीस वर्षों में ईरानी राष्ट्र की प्रगतियों एवं उपलब्धियों को देश के मेधावियों के ईमान और दायित्व की भावना का परिणाम बताया और कहा कि बाहर से पड़ने वाले व्यापक दबाव के बावजूद, विभिन्न मैदानों में सैकड़ों मेधावी एवं विद्वान महत्वपूर्ण कार्यों में पूरे बलिदान के साथ व्यस्त हैं।
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